स्वदेश (कविता) - गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'
दो गौरैया (कहानी) - भीष्म साहनी
एक आशीर्वाद (कविता) - दुष्यंत कुमार
हरिद्वार (पत्र) - भारतेंदु हरिश्चंद्र
एक टोकरी भर मिट्टी (कहानी) - माधवराव सप्रे
मत बाँधो (कविता) - महादेवी वर्मा
नए मेहमान (एकांकी) - उदयशंकर भट्ट
आदमी का अनुपात (कविता) - गिरिजा कुमार माथुर
तरुण के स्वप्न (उद्बोधन) - सुभाषचंद्र बोस